चार छल्लो वाली तितली यह प्रकृति की अद्भुत रचना और उसकी जटिलता का शानदार उदाहरण है, हाल ही में नामदफा राष्ट्रीय उद्यान में 61 वर्षों के बाद इस दुर्लभ तितली को फिर से देखा गया है, तो आईए जानते हैं इसके बारे में।

चार छल्लो वाली तितली के बारे में –
चार छल्लो वाली दुर्लभ तितली का वैज्ञानिक नाम ypthima है, यह तितली निम्फालिडे (Nympalidae) नमक तितली की एक प्रजाति से संबंधित है। यह अपने पंखों पर बने विशिष्ट छल्लो के पैटर्न के लिए जानी जाती है।

इस तितली के पंख लगभग 40-50 मिमी होता है जिसमें पंख के ऊपर ही भाग पर गहरे भूरे रंग का एक सूक्ष्म पैटर्न होता है और निचले पंख पर तीन पीले छल्ले होते है जिसके अंदर आंख के जैसे आकृति बनी होती है और उसके केंद्र में एक सफेद धब्बा भी होता है और आगे की तरफ इसी तरह का एक और बड़ा स्पॉट होता है।

चार छल्लो वाली तितली कहां पाई जाती है?
चार छल्लो वाली तितली आम तौर पर भारत, चीन, श्रीलंका, फिलीपींस सहित अन्य देशों में पाई जाती है और अगर इसके आवास की बात की जाए तो यह घास के मैदान, खुले जंगल, बगीचे आदि जगहों में पाई जाती है।
इस तितली के व्यवहार व अन्य क्रियाएं –
इस तितली की उड़ान धीमी और उछल कूद वाली होती है। यह अक्सर जमीन के पास ही रहती है, इनका भोजन विभिन्न फूलों का रस होता है और नम जगहों से पानी और खनिज को ग्रहण करती है। मादा तितली अपने अंडे घास पर देती है, कैटरपिलर का प्राथमिक भोजन लार्वा होता है।