GST के 7 वर्ष हुए पूरे, जिसकी थीम ‘सशक्त व्यापार, समग्र विकास’ रखी गई है।

देखते ही देखते आज 1 जुलाई 2024 को जीएसटी के लागू होने के 7 वर्ष पूरे हो गए हैं, जीएसटी जिसने टैक्स सिस्टम को कठिन से सरल बनाया, जिससे लोगों में टैक्स देने के प्रति जागरूकता बढ़ी, उससे टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी हुई और राज्यों का राजस्व भी बढ़ा है। बहरहाल आइए जीएसटी के बारे में जानते हैं।

GST के बारे में –

भारत में मौजूद अप्रत्यक्ष कर प्रणाली की जटिलताओं और विभिन्न करो (17 स्थानीय टैक्स व सेस) के स्थान पर सरल व एकल कर प्रणाली को लाने के लिए 1 जुलाई 2017 को वस्तु व सेवा कर (GST) को लागू किया गया।

यह एकल कर प्रणाली है अर्थात विभिन्न केंद्रीय व राज्य स्तर के करो को एकल कर प्रणाली में सम्मिलित किया गया है। इसका उद्देश्य वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति पर एक समान कर की दरों को लागू करना है, जिससे पूरे भारत में एक समान कर के ढांचे को स्थापित किया जा सके।

ध्यान देने योग्य है कि जीएसटी को चार घटकों में बांटा गया है तो आइए जानते हैं इन चार घटकों के बारे में।

GST के घटक –

  1. केंद्रीय GST (CGST) – यह केंद्र सरकार द्वारा लगाए जाने वाला कर है।
  2. राज्य GST (SGST) – यह राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाला कर है।
  3. एकीकृत GST (IGST) – यह एक राज्य से दूसरे राज्य में वस्तुओं व सेवाओं की आपूर्ति पर लगाए जाने वाला कर है।
  4. केंद्र शासित प्रदेश GST (UTGST) – यह केंद्र शासित प्रदेश में लगाए जाने वाला कर है।

अब आईए जानते हैं कि इन 7 वर्षो में जीएसटी की क्या रिपोर्ट रही है। और साथ में यह भी जानेंगे कि इस सातवीं वर्षगांठ पर क्या नए नियम लागू किए गए हैं।

2017 : Gst का प्रारंभिक वर्ष – GST की दरों और नीतियों को निर्धारित करने के लिए एक GST परिषद का गठन किया गया है तथा जीएसटी को 5 भिन्न-भिन्न करो में विभाजित किया गया है; 0%, 5%, 12%, 18% और 28% में।

2018-19 – इस वर्ष में प्रारंभिक चुनौतियां जैसे तकनीकी समस्या, छोटे व्यापारियों का जीएसटी को समझने में आ रही समस्याओं आदि में सुधार किया गया।

2020 – इस वर्ष covid 19 का प्रभाव रहा है जिससे अर्थव्यवस्था में मंदी की स्थिति आ गई, इससे जीएसटी के संग्रह में भी गिरावट आई, जिसके कारण सरकार ने लोगों को राहत देने हेतु कई उपाय किए जैसे – ब्याज दर में छूट देना, रिटर्न फाइलिंग की समय सीमा को बढ़ाना आदि।

2021-22 – इस वर्ष अर्थव्यवस्था में सुधार हुआ, आर्थिक गतिविधियां पुनः सुचारू रूप से संचालित होने लगी और जीएसटी संग्रह में पहले से काफी सुधार हुआ, साथ ही व्यापारिक लेनदेन में पारदर्शिता व कर चोरी को रोकने के लिए ई-इनवॉइसिंग प्रणाली लागू की गई।

2023-24 – कर प्रणाली को और सुदृढ़ करने के लिए 1 जुलाई 2024 को घरेलू सामानों पर जीएसटी के करो को कम किया गया है।

तो आईए जानते हैं कौन-कौन से घरेलू सामान के करो में कटौती की गई है।

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GST के 7 वर्ष हुए पूरे, जिसकी थीम ‘सशक्त व्यापार, समग्र विकास’ रखी गई है।
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तो कैसा लगा आपको GST का 7 वर्ष का सफर – सशक्त व्यापार,समग्र विकास

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